कोरिया और जापान, किताबें और लेखन।
बचपन में जापान में रहा, फिर कोरिया में प्राइमरी, मिडिल और हाई स्कूल की पढ़ाई की। बाद में फिर जापान गया और वासेदा विश्वविद्यालय के प्रथम साहित्य संकाय में दर्शनशास्त्र पढ़ा।
विश्वविद्यालय में किताबें पढ़ने और लिखने में बहुत समय बिताया। अब जो विचार मन में आते हैं, उन्हें गीत के बोलों में ढालता हूँ और उन शब्दों के लिए सही संगीत और दृश्य तलाशता हूँ।
विचारों को ठोस रूप देना।
LOTTE HOTEL में ग्राहकों से मिलना, ट्रेनिंग की तैयारी, कानूनी मामलों की समीक्षा और वेबसाइट व ऐप में बदलाव जैसे काम किए। SK D&D में नई आवासीय सेवाओं के व्यवसाय और संचालन की योजना बनाई।
नाम और परिचय सामग्री से लेकर उपयोगकर्ताओं की स्क्रीन और संचालन में ज़रूरी मैनुअल व ट्रेनिंग तक। किसी काम को हक़ीक़त में चलाने के लिए उसके अलग-अलग हिस्सों का तालमेल ज़रूरी था। मेरा काम उन हिस्सों को जोड़ना और उन्हें ठोस रूप देना रहा है।
अब, संगीत और वीडियो।
AI का इस्तेमाल शुरू किया तो खुद आज़माने के मौके बढ़ गए। संगीत और तस्वीरें बनाकर उन्हें वीडियो में जोड़ने लगा, तो काम का दायरा भी बढ़ता गया।
मैं सुनता हूँ कि गीत के बोल और संगीत साथ कैसे बैठते हैं, फिर सोचता हूँ कि उस संगीत के लिए कौन-से दृश्य और मूवमेंट सही होंगे। एक शॉर्ट फ़िल्म बनाते हुए कहानी, किरदार, ध्वनि और एडिटिंग को साथ लेकर काम करने का अनुभव मिला। वहाँ सीखी बातें अब अपने म्यूज़िक वीडियो में भी इस्तेमाल कर रहा हूँ।
मैं बनाकर सीखता हूँ।
छोटी-सी चीज़ भी हो, पहले बनाकर देखना और फिर नतीजे से समझना मुझे ज़्यादा सहज लगता है। कुछ बातें कोशिश करने के बाद ही समझ आती हैं, और कभी शुरुआत में सोची दिशा बदलनी पड़ती है।
नतीजा उम्मीद के मुताबिक न भी हो, तो उस दौरान सीखे तरीके और मिली समझ अगले काम में साथ रहते हैं। मैं उन चीज़ों को बनाता रहना चाहता हूँ जो मुझे उत्सुक करती हैं, और बनाते हुए नए सवाल खोजता रहना चाहता हूँ।
कुछ दिलचस्प मिले, तो उसकी संभावनाओं को असल रूप देकर देखना चाहता हूँ।
WORK में काम देखें